मिर्जापुर, दिसम्बर 15 -- लालगंज। क्षेत्र के कस्बा स्थित भारतीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को कैसे सीखें, पढ़ें, सोचें और मोबाइल की उपयोगिता विषय पर शिक्षक-छात्र संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, स्वाध्याय की भूमिका और मोबाइल के संतुलित उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। माध्यमिक शिक्षा के विशेषज्ञ त्राणकर्ता ने कहा कि कक्षा की किताबें केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की मूल पूंजी है। विद्यार्थी जब स्वाध्याय को आदत बनाता है और शिक्षक के मार्गदर्शन को सही दिशा में अपनाता है। तभी वह योग्य और आत्मनिर्भर बन पाता है। मोबाइल ज्ञान का साधन है, लेकिन उसका विवेकपूर्ण उपयोग ही छात्र को आगे बढ़ाता है। विशिष्ट वक्ता राजेश कुमार ने कहा कि आज का विद्यार्थी तकनीक से घिरा है। ऐसे में सोचने की क्षमता वि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.