कोडरमा, अप्रैल 10 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। सेक्रेड हार्ट स्कूल के पूर्व छात्र प्रतीक सिंह की पहली कविता संग्रह "रुक कर देखा तो" इन दिनों अमेज़न पर चर्चा में है। इस किताब के माध्यम से उन्होंने छात्रों और युवाओं को अंकों के मकड़जाल से बाहर निकलकर जीवन को समझने और जीने की सीख दी है। प्रतीक ने वर्ष 2015 में सेक्रेड हार्ट स्कूल से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वे शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और कुछ अलग करने की चाह रखते थे। उनके पिता समरेंद्र नारायण सिन्हा करमा निवासी हैं और पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं, जबकि उनकी माता मंजू नारायण एक कुशल गृहिणी हैं। वर्तमान में प्रतीक बेंगलुरु में हिमालया कंपनी के सेल्स विभाग में कार्यरत हैं।प्रतीक ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी अंकों के खेल से शुरू होकर उसी में उलझकर रह जाती है। विद्यार्थी जीवन में ...
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