पलामू, मई 26 -- मेदिनीनगर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राज्य विश्वविद्यालय कार्य संयोजक मंजुल शुक्ल ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक नामांकन में प्रत्येक फैकल्टी में केवल 40 छात्रों के नामांकन की सीमा निर्धारित करने के निर्णय का कड़ा विरोध करती है। यह निर्णय पूरी तरह छात्र विरोधी, अव्यवहारिक व उच्च शिक्षा के अधिकार पर आघात करने वाला है। विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी शैक्षणिक व प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पलामू, गढ़वा व लातेहार जैसे जिलों में हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों पर निर्भर हैं। ऐसे समय में प्रत्येक फैकल्टी में मात्र 40 छात्रों के नामांकन की सीमा तय करना गरीब, ग्रामीण व वंचित छात्रों को शिक्षा से वंचित करन...