छात्रों की उपस्थिति मामले पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, मई 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी। हाईकोर्ट ने कहा था कि कोई भी लॉ कॉलेज या विश्वविद्यालय, न्यूनतम उपस्थिति की कमी के कारण विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने से नहीं रोक सकता। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की पीठ ने टिप्पणी की कि अगर ऐसी स्थिति को स्वीकार कर ली जाए, तो नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और लॉ कॉलेजों के हॉस्टल 'सिर्फ रहने-खाने की जगह' बनकर रह जाएंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 3 नवंबर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह इस मामले की सुनवाई करेगा और इस पर फैसला देगा। यह भी पढ़ें- ... तो लॉ कॉलेज का हॉस्टल रहने खाने की जगह बनकर रह जाएगा- सुप्रीम कोर्ट पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.