बरेली, मार्च 27 -- दूसरे संप्रदाय की बीएससी की नाबालिग छात्रा को बहलाकर दिल्ली ले जाकर दुष्कर्म करने और धर्मपरिवर्तन करने के चर्चित मामले में विशेष जज पाक्सो एक्ट तृतीय देवाशीष की विशेष कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। विशेष कोर्ट ने दोषी टीचर फईम खान को सश्रम बीस वर्ष की सजा सुनाई है। विशेष कोर्ट ने दोषी टीचर फईम खान पर 35 हजार का जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी और आलोक प्रधान ने बताया कि भमोरा क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा बरेली से बीएससी कर रही थी। छात्रा ने इंटरमीडियट तक की पढ़ाई भमोरा क्षेत्र के एक निजी इंटर कालेज से की थी। उसी कॉलेज में क्षेत्र के गांव सिरोही का फईम खान भी पढ़ाता था। 5 फरवरी 2017 को छात्रा कोचिंग पढ़ने बरेली के रामपुर बाग गई थी। वहां से फईम उसे बहलाकर ले गया। छात्रा के पिता ने फईम के खिलाफ भमोरा थाने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.