नई दिल्ली, मई 30 -- तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार द्वारा स्कूली छात्राओं को हर महीने अधिकतम तीन दिन का मासिक धर्म (पीरियड) अवकाश देने के प्रस्ताव पर पूर्व डीजीपी और भाजपा पार्षद आर. श्रीलेखा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह नीति लड़कियों को सशक्त बनाएगी या उन्हें अधिक कमजोर दिखाएगी। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में श्रीलेखा ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं की गरिमा और निजी जीवन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि कुछ लड़कियों को इस दौरान दर्द और असुविधा होती है, जबकि कई अन्य सामान्य रूप से अपनी दिनचर्या जारी रखती हैं।अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि तीव्र दर्द होने के बावजूद उन्होंने कभी मासिक धर्म के कारण स्कूल या कॉलेज नहीं छोड़ा। यह भी पढ़ें- छात्राओं को मासिक धर्म अवकाश की योजना पर पूर्व डीजीपी ने सवाल उठाए उन्होंने यह भी बताया...