विकासनगर, सितम्बर 26 -- छात्र संघ चुनाव में इस बार महाविद्यालयों की सूरत बदली हुई नजर आ रही है। इस बार चुनाव प्रचार अलग तरीके से हो रहा है। प्रत्याशियों समेत छात्र संगठनो ने बैनर पोस्टर के बजाय सोशल मीडिया को प्रचार का हथियार बना दिया है। इससे चुनाव के दौरान कॉलेज परिसरों की सूरत बिगड़ने से मच गई है। हालांकि डोर-टू-डोर प्रचार और दावतों का दौर बदस्तूर जारी है। छात्र राजनीति हमेशा से ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आकर्षण का केंद्र रही है। छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब मतदान की बारी है। इस बार का चुनाव प्रचार पूरी तरह बदली हुई तस्वीर लेकर आया है। पहले जहां दीवारों पर पोस्टर और सड़कों पर बैनर-होर्डिंग का कब्जा होता था, वहीं इस बार कैंपस और सड़कें साफ-सुथरी नजर आ रही हैं। इसका कारण विश्वविद्यालय औ...