इटावा औरैया, जुलाई 23 -- इटावा। 2008 में जिले के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था। अब इस घोटाले के आरोपी प्रबंधकों और प्रधानाचार्य को खोज कर सजा दिलाना आईओडब्लू के लिए बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि उस समय छात्रवृत्ति का वितरण नगद रूप से किया जाता था। इस मामले में दो एफ आई आर दर्ज हुई थी। पहले जिला स्तर पर जांच किए जाने के बाद इसकी जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा कानपुर को सौंपी गई। यह संगठन 18 साल में सिर्फ एक प्रबंधक तक पहुंच पाया है। बाकी के प्रबंधकों और प्रधानाचार्य की खोज अभी जारी है।

घोटाले का प्रभाव छात्रवृत्ति का घोटाला सामने आने और उसकी जांच शुरू होने के बाद ऐसे विद्यालय एक एक करके बंद होते चले गए और धीरे धीरे उनके प्रबंधक और प्रधानाचार्य भी जिले से बाहर चले गए। करीब 6 महीने पहले आईओडब्लू ने distrito...