नई दिल्ली, जुलाई 21 -- जंतर-मंतर पर उमड़ने वाला वह हुजूम, पुलिस की मजबूत बैरिकेडिंग से टकराने वाले और आंसू गैस के गोलों के बीच डटे रहने वाले आखिर वो लोग कौन थे? क्या वे कोई मंझे हुए नेता या राजनीतिक कार्यकर्ता थे? बिल्कुल नहीं। ये शाहदरा की गलियों से आई एक आम मां थीं, बरेली की सड़कों पर दिन भर पसीना बहाने वाले 19 साल के डिलीवरी बॉय थे, जयपुर के आर्किटेक्ट और मुंबई के एक एक्टर थे। नीट पेपर लीक विवाद और चरमराई शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले बिना किसी पुलिस परमिशन के संसद मार्च करने निकले ये वो आम हिंदुस्तानी थे, जिनके भीतर सिस्टम की सड़ांध और 20 छात्रों की मौत का आक्रोश एक सैलाब बनकर उबल रहा था।संसद मार्च: छात्र, पेरेंट्स से लेकर डिलीवरी बॉय तक... कौन हैं CJP प्रदर्शनकारी? पुलिस की बैरिकेडिंग टूटने और सुरक्ष...