अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता, मार्च 18 -- अलीगढ़ नगर निगम के लिए 10 नामित पार्षदों की भाजपा की सिफारिश पर शासन से घोषणा की गई। हैरत की बात है कि संगठन के स्तर पर इन नामों का चयन करने में कोई भी निर्धारित नियमों को पूरा ही नहीं किया गया। जिसका परिणाम है कि जो पार्टी का कार्यकर्ता छह माह से गुमशुदा चल रहा है, वह भाजपा का नामित पार्षद बनाया गया है। नामित पार्षदों के नाम पर अपनों-अपनों को किस तरह से रेबड़ियां बांटी गईं, उसका एक उदाहरण यह है कि जिस वार्ड से निकाय चुनाव में भाजपा का पार्षद जनता ने चुना। अब उसी क्षेत्र में दो नामित पार्षद और बना दिए गए हैं। इतना ही नहीं निकाय चुनाव में जिस पदाधिकारी ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका, उसे भी नामित पार्षद बनाए जाने के तोहफा मिला है। ऐसे में संगठन स्तर पर तय किए गए नामों को लेकर सवाल उठ...