महाराजगंज, जनवरी 15 -- परतावल, हिन्दुस्तान संवाद। स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती का एक मामला सामने आया है। मातृत्व मृत्यु के मामलों में कारणों की पड़ताल व जिम्मेदारी तय करने के लिए बनाया गया डेथ ऑडिट का नियम परतावल ब्लॉक में फाइलों में दबा रह गया। राजपुर गांव में एक प्रसूता की मौत के छह महीने बाद अब जांच टीम बयान दर्ज करने पहुंची है, जबकि यह प्रक्रिया 42 दिनों के भीतर पूरी हो जानी चाहिए थी। डेट ऑडिट में देरी को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। परतावल क्षेत्र के राजपुर निवासी विचित्र सिंह की पुत्रवधू स्नेहलता (23) ने 2 जुलाई 2025 को मेडिकल कॉलेज में एक बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद स्नेहलता की स्थिति बिगड़ती गई। परिजनों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की; इ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.