बागपत, जुलाई 14 -- बागपत। टीबी मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उनका इलाज कम समय में और अधिक प्रभावी होने जा रहा है। जल्द ही बागपत में टीबी रोगियों का 'बीपाल रेजीमेन' से इलाज शुरू होगा। इसमें चार तरह की दवाएं होती हैं। सिर्फ छह महीने के कोर्स से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।

टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग नई तकनीकों पर जोर दे रहा है। मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी मरीजों के लिए जल्द ही बीपाल रेजीमेन इलाज शुरू होने जा रहा है। बीपाल दरअसल चार दवाओं का एक कांबिनेशन है। इसमें पुरानी और विख्यात दवा बेडाक्विलिन के साथ प्रीटोमैनिड, माक्सीफ्लोक्सासिन और लाइनजोलिड दवाएं शामिल की गई हैं। बागपत में करीब 50 एमडीआर मरीजों का इलाज इस पद्धति से शुरू किया जाएगा। बता दें कि क्लीनिकल ...