विकासनगर, दिसम्बर 8 -- छत्रधारी चालदा महाराज के दसऊ मंदिर में सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी के भाव दिखाई दे रहे थे तो कुछ श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रुधारा उमड़ रही थी। मौका था ढाई साल के दसऊ प्रवास के समापन का। दोपहर डेढ़ बजे देव पालकी मंदिर के गर्भ गृह से बाहर निकली। जिसके बाद लोगों ने देव दर्शन किए। शाम चार बजे खत पशगांव के ग्रामीण मंदिर परिसर में आरती करने पहुंचे। सभी ग्रामीणों को पता था कि यह अंतिम अवसर है महाराज की अपने गांव के मंदिर में आरती करने का, जिससे ग्रामीणों की आंखें नम थी। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के गवाली पश्मी गांव से देवता को लेने आए श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल था। 'कांसे की कंस्तूरी गूगेला भरो धूपा, केती तेरे वेशा राजा केती तेरे रूपा.... के साथ दसऊ गांव समेत पूरे खत ...
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