रितेश मिश्रा, मार्च 18 -- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 'बिलासपुर नसबंदी कांड' में करीब 11 साल बाद अदालत का फैसला आ गया है। कोर्ट ने इस मामले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर आर.के. गुप्ता को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए उन्हें दो साल के कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही प्रत्येक महिला की मौत को लेकर उन पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यानी करीब तीन लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा डॉ. गुप्ता को अन्य आरोपों में भी सजा सुनाई गई है, जिसमें एक धारा के तहत छह महीने की सजा और 500 रुपए का जुर्माना, और दूसरी धारा के तहत एक महीने की सजा और 100 रुपए का जुर्माना शामिल है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यह मामला बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक में सकरी गांव के पास पेंडारी में स्थित एक अस्पताल में आयोजित नसबंदी कैंप से जुड़ा है। जहां पर 8 नवंबर, 2014 क...
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