मुजफ्फरपुर, मार्च 20 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान रविवार यानी 22 मार्च से नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा। शहर में बूढ़ी गंडक के घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस बार बूढ़ी गंडक के साथ ही उससे जुड़े छठ घाटों का भी बुरा हाल है। गर्मी परवान चढ़ने से पहले सूखकर नदी की धारा आधी हो गई है। पानी काला पड़ गया है और जलकुंभी भी हैं।सबसे प्रमुख अखाड़ाघाट पुल के नीचे का छठ घाट मलबे के ढेर में गुम हो गया है। आश्रम घाट और सूर्य मंदिर घाट पर भी चारों तरफ गंदगी व रेत है। सिकंदरपुर स्थित सीढ़ी घाट के आसपास भी गंदगी का ढेर लगा है। नियमित सफाई नहीं होने यह स्थिति है।अमूमन छठ पर्व या अन्य विशेष मौके पर ही संबंधित घाटों की साफ-सफाई होती है। अगले 24 मार्च को व्रती शाम का अर्घ्य और 25 मार्च को सुबह का अर्घ्य द...
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