वाराणसी, जनवरी 22 -- वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के आईकेएस केंद्र में 'छन्दोविच्छित्ति' विषय पर आयोजित सात दिनी कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ। समापन सत्र में कुलपति प्रो. बिहारीलाल शर्मा ने कहा कि छन्दःशास्त्र की संरचना बाइनरी कोडिंग एवं संगणकीय अनुप्रयोगों के लिए पूर्णतः उपयुक्त है। इसे एक स्वतंत्र पाठ्यक्रम की तरह विकसित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. आराधना त्रिपाठी, विनीता सिंह, सजल, अनुग्रह उपाध्याय, रश्मि अवस्थी, प्रियंका आदि मौजूद रहीं।
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