बलरामपुर, मार्च 17 -- बलरामपुर,संवाददाता। पवित्र रमजान माह की चौथी शब-ए-कद्र सोमवार की रात बड़े ही अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों और अपने घरों में पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत की। नमाज-ए-नवाफिल अदा की गई, कुरआन पाक की तिलावत की गई और गुनाहों की माफी के लिए खास दुआएं मांगी गईं। महिलाओं और बच्चों ने भी घरों में इबादत का विशेष एहतमाम किया और पूरे उत्साह के साथ इस पवित्र रात में हिस्सा लिया। इस मौके पर उलेमा ने बताया कि रमजान का अंतिम अशरा (आखिरी दस दिन) अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी अशरे की विषम (ताक) रातें-21, 23, 25, 27 और 29-शब-ए-कद्र के रूप में जानी जाती हैं। इन रातों में की गई इबादत का सवाब सामान्य दिनों की तुलना में हजार गुना अधिक मिलता है। यही वजह है कि हर वर्ष इन खास रातों में मस्जि...