नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- गौरव वल्लभ,अर्थशास्त्री व भाजपा नेता अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई। यह उस विकास यात्रा की अगली कड़ी है, जिसमें वास्तविक जीडीपी 2023-24 में 7.2, 2024-25 में 7.1 और 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी। ताजा दर भारतीय रिजर्व बैंक के सात प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से अधिक है और पश्चिम एशिया के संघर्ष, महंगी ऊर्जा और अनिश्चित वैश्विक व्यापार के बीच आई है। विकास की मजबूती केवल रफ्तार से नहीं, उत्पादन और मांग में विस्तार से तय होती है। इस कसौटी पर तस्वीर उत्साहजनक है। वास्तविक जीडीपी देश में पूर्ण तैयार माल और सेवाओं का मूल्य महंगाई को छोड़कर बताती है और यह बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये हो गई है। वास्तविक जीवीए (सकल मूल्य वर्धित) ख...