आजमगढ़, जुलाई 14 -- मेंहनगर, हिन्दुस्तान संवाद। खुंदनपुर गांव निवासी मुस्तफिजुल हसन उर्फ राजू (उर्फ बाबू) का अपराध जगत में सफर छोटी-मोटी चोरियों से शुरू हुआ और समय के साथ वह क्षेत्र का कुख्यात अपराधी बन गया। उस पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। सात भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर पर मुस्तफिजुल हसन किशोरावस्था से ही दबंग प्रवृत्ति का था। युवावस्था में वह मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल होने लगा। उसके खिलाफ पहला आपराधिक मुकदमा वर्ष 2003 में मेंहनगर थाने में चोरी के आरोप में दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2008 में मारपीट, 2011 में जानलेवा हमला और 2012 में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मुस्तफिजुल हसन और बसपा नेता कलामुद्दीन पड़ोसी थे। पुलिस के अनुसार, मुखबिरी के शक को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इसी दौरान मुस्तफिजुल ...