चेन्नई, मई 19 -- मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में एक अहम व्यवस्था देते हुए कहा है कि अगर कोई पत्नी अपनी बेटी की शादी पति को बताए बिना गुप्त तरीके से चोरी-छिपे तय करती है, तो यह पति के साथ क्रूरता है और पति द्वारा तलाक लेने का यह आधार हो सकता है। एक पारिवारिक मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के जज जस्टिस सीवी कार्तिकेयन और के राजशेखर की डिवीजन बेंच ने यह फैसला एक ऐसे मामले में सुनाया जिसमें पत्नी ने अपनी 18 साल की बेटी की शादी चुपके से अपने भाई (बेटी के मामा) से तय कर दी थी, जो 32 साल का तलाकशुदा था। मामले में अहम बात यह भी है कि महिला के इस भाई की पहले उसी के पति की भतीजी से शादी हुई थी, लेकिन वह शादी टूट गई थी और उस भतीजी ने अपने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और कहा क...