साहिबगंज, मार्च 20 -- बरहड़वा, प्रतिनिधि। मां बिंदुवासिनी मंदिर में हर वर्ष चैत्र माह के अवसर पर भव्य हवनात्मक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। इस आयोजन में पूजन सामग्री, लकड़ी, ब्राह्मण, फल-फूल सहित अनेक आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाती हैं। यज्ञ के दौरान मंदिर परिसर एवं आसपास के स्थानों को कपड़े की रंग-बिरंगी पताकाओं (झंडों) से सजाया जाता है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इस महायज्ञ की सबसे खास बात यह है कि इन पताकाओं को पिछले 64 वर्षों से बरहरवा का एक मुस्लिम परिवार तैयार करता आ रहा है। यह परंपरा क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की अद्भुत मिसाल पेश करती है।‌जानकारी के अनुसार, इस महायज्ञ की शुरुआत बाबा हरिहरानंद गिरी (पहाड़ी बाबा) द्वारा की गई थी। प्रारंभिक दौर में जब यज्ञ मंडप एवं मंदिर के गुंबदों...