बिहारशरीफ, मार्च 11 -- 23 को लोहंडा, 24 को व्रती डूबते सूर्य देव को पहला अर्घ्य करेंगे अर्पित पावापुरी, निज संवाददाता। लोक आस्था का महापर्व चैती छह का चार दिवसीय अनुष्ठान 22 मार्च रविवार से शुरू होगा। पहले दिन व्रती नहाय-खाय के साथ पर्व का शुभारंभ करेंगे। पंडित सूर्यमणि पांडेय ने बताया कि पहले दिन व्रती स्नान कर शुद्ध कद्दू भात भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरे दिन 23 मार्च, सोमवार को लोहंडा या खरना मनाया जाएगा। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं और शाम को पूजा-अर्चना के बाद गुड़ की खीर, रोटी, चावल दाल का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ करते हैं। तीसरे दिन व्रती डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे। चौथे दिन 25 मार्च की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके साथ ही व्रती अपना व्रत पूरा करेंगे औ...