धनबाद, मार्च 13 -- धनबाद। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहते हैं। इस वर्ष यह एकादशी 15 मार्च को पड़ रहा है। दरअसल एकादशी तिथि का प्रवेश 14 मार्च को दिन में 8:10 बजे के बाद हो रहा है, इसलिए पंचांगों में उदयातिथि में 15 मार्च को एकादशी तिथि को मान्य बताया गया है। पापमोचनी एकादशी का महत्व बताते हुए इस्कान धनबाद के दामोदर गोविंद बताते हैं कि इसका अर्थ ही है पापों को मुक्त करने वाली (मोचन करने वाली) एकादशी। यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है जो भगवान विष्णु को समर्पित है, जो जाने-अनजाने में हुए पापों को नष्ट करती है। खड़ेश्वरी मंदिर के पुजारी राकेश पांडेय बताते हैं कि पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

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