नई दिल्ली, मार्च 31 -- चैत्र मास की पूर्णिमा का दिन बहुत खास माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के लिए व्रत और पूजा की जाती है। आपको बता दें कि चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का भी जन्म हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शिव के अवतार हनुमान जी ने जन्म लिया था, इसलिए इस दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस बार व्रत की पूर्णिमा और स्नान दान की पूर्णिमा में अंतर है। व्रत वाली पूर्णिमा का व्रत 1 अप्रैल को रखा जाएगा इस दिन पूर्णिमा उदया तिथि में नहीं है, लेकिन पूरे दिन पूर्णिमा तिथि है। अगले दिन 2 अप्रैल को उदया तिथि में पूर्णिमा तिथि सिर्फ सुबह तक ही है। इसलिए इस दिन स्नान और दान वाली पूर्णिमा है। इस बार पूर्णिमा व्रत वाले दिन भरणी नक्षत्र और विष्कंभ योग का संयोग रहेगा। इस दिन दिन भर व्रत करके रात तो चंद्रमा के अर्घ्य देकर व्रत क...
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