बरेली, मार्च 17 -- उदया तिथि में अमावस्या होने से इसी में होगा कलश स्थापना हानि के बावजूद 19 से 27 तक नौ दिनों का होगा नवरात्रबरेली, वरिष्ठ संवाददाता। दशकों बाद इस वर्ष ऐसा होगा जब चैत्र प्रतिपदा तिथि की हानि से अमावस्या में ही कलश स्थापन करना होगा। ज्योतिषियों के अनुसार यह दुर्लभ स्थिति होती है जब नवस्ंवत्सर के दिन प्रतिपदा तिथि की हानि हो। इस वर्ष यह स्थिति बन रही है। अमावस्या क्षयवती प्रतिपदा तिथि वाले तीनों योग अत्यंत शुभ फलदायक होंगे। ये शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थसिद्धि योग हैं। नवरात्र से पहले मंदिरों में तैयारियां जोरों पर हो रहीं हैं।पंडित सुशील पाठक बताते हैं कि अमावस्या युक्त प्रतिपदा में कलश स्थापना का निषेध है। वहीं धर्म सिंधु और निर्णय सिंधु जैसे ग्रंथ इस बात का समर्थन करते हैं कि यदि प्रतिपदा प्राप्त ही न हो और अमावस्या के बा...