नवादा, मार्च 16 -- ​नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। चैत्र मास के आगमन के साथ ही हिंदू नववर्ष और शक्ति की उपासना के पर्व चैत्र नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो गई हैं। तिथियों के गणित और पंचांग के विरोधाभास को दूर करने के लिए नवादा जिले के विद्वान ज्योतिषियों और पंडितों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को माल गोदाम स्थित मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में निर्णय सिंधु और बनारस पंचांग के आधार पर वर्ष 2026 के चैत्र नवरात्रि, चैती छठ और रामनवमी की सटीक तिथियों पर शास्त्रसम्मत निर्णय लिया गया। बैठक में विद्वानों ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि का क्षय हो रहा है। शास्त्र सम्मत निर्णय सिंधु के श्लोकों का हवाला देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में पूर्व विद्धा प्रतिपदा का त्याग कर उदय व्यापिनी तिथि को प्रधानता दी जाती है। ​...