बांका, मार्च 24 -- बांका, एक संवाददाता। सोमवार को चैती छठ के दूसरे दिन छठ व्रतीयों ने खरना का व्रत रखा, जिसे छठ पूजा का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दिन व्रती सूर्योदय और सूर्यास्त से पूर्व दिन भर उपवास के बाद घर पर प्रसाद बनाकर उसे अर्घ्य अर्पित करते हैं। खरना के व्रत में व्रती निर्जल रहकर दिनभर साधना करते हैं और शाम को गुड़ और गेंहू के आटे से बनी खीर, फल और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाकर उसे भगवान सूर्य को अर्पित करते हैं।इसके बाद व्रती पहला भोजन ग्रहण करते हैं और इसके बाद अगली अवधि का उपवास शुरू करते हैं। इस दिन व्रती की श्रद्धा और समर्पण का महत्व अत्यधिक माना जाता है। इधर शहर के महावीर स्थान के मुख्य पुजारी आचार्य मनमोहन ठाकुर के अनुसार, खरना व्रत का उद्देश्य शरीर और मन को शुद्ध करना है। इसे करने से व्रती मानसिक और शारीरिक रूप से उत्सा...
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