लोहरदगा, मार्च 23 -- लोहरदगा, संवाददाता। आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व चैती छठ के दूसरे दिन सोमवार को व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और विधि-विधान के साथ महाखरना का अनुष्ठान किया। दिनभर उपवास रखने के बाद शाम में व्रतियों ने छठी मईया की पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया। महाखरना के प्रसाद में गुड़ की खीर, पुड़ी और फल शामिल थे, जिसे पहले भगवान को अर्पित किया गया। व्रतियों द्वारा प्रसाद ग्रहण करने के बाद खरना का प्रसाद परिवार एवं आसपास के लोगों के बीच बांटा गया। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया है जो बुधवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। चैती छठ महापर्व को ले महापर्व होने वाले घरों और छठ घाटों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। घाटों की सफाई, सजावट और पूजा सामग्री की व्यवस्था में श्रद्धालु जुटे हुए ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.