गया, मार्च 22 -- सूर्यदेव की आराधना का महान अनुष्ठान छठ रविवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। चार दिवसीय व्रत शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों का माहौल छठमयी हो गया है। महान व्रत को लेकर गांव की गलियों में छठी मईया के गीत गूंजने लगे हैं। चार दिवसीय अनुष्ठान के पहले दिन व्रतियों ने तालाब, कुंड, पोखरों में स्नान किया। इसके बाद भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना कर। अनुष्ठान के पहले दिन पूरी शुद्धता के साथ व्रतियों ने नहाय-खाय का प्रसाद बनाया। प्रसाद के रूप में बनाए गए बासमती चावल, चने की दाल, कद्दू की सब्जी इत्यादि ग्रहण किए। सुहाना मौसम के कारण व्रतियों को काफी राहत है। गंदा है फल्गु का पानी, स्नान के लिए सूर्यकुंड में व्रतियों की रही भीड़फल्गु नदी सूखी रहने की वजह से शहर में सबसे ज्यादा सूर्यकुंड में रही। रबर डैम का पानी गंदा रहने के कारण रविवार की सुबह ...
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