चेतावनी: शताब्दी के अंत तक वैश्विक तापमान में 4.6 डिग्री तक होगी वृद्धि
धनबाद, जून 6 -- सिंफर में शुक्रवार को आयोजित संगोष्ठी में एनआईटी रायपुर के प्रो. समीर वाजपेयी ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा पर्यावरणीय जन-जागरूकता अभियान है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1972 में हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रकृति जलवायु परिवर्तन के समाधान की आधारशिला है और स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र जलवायु लचीलापन प्रदान करते हैं। यह भी पढ़ें- पर्यावरण संरक्षण का संदेश, डीपीएस बोकारो में हुआ सघन पौधारोपण अभियान सुझाव उपाय प्रो. वाजपेयी ने प्रकृति-आधारित समाधानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रभावी उपाय बताते हुए वनीकरण, आर्द्रभूमि संरक्षण, मैंग्रोव पुनर्स्थापन, टिकाऊ कृषि, शहरी हरित विकास तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर बल दिया। यह भी पढ़ें- वनों की अंधाधुंध कटाई से हो रहा जलवायु परिवर्तन : डा. भरत राजप्रकृति मानव अस्ति...
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