नई दिल्ली, मार्च 6 -- बीमारी से लड़ने के लिए वैक्सीनेशन एक इफेक्टिव प्रोसेस है। जिससे अपनी आने वाली जनरेशन यानी बच्चों को किसी डेडली बीमारी से बचाया जा सके। पूरी दुनिया में इम्यूनिटी को बढ़ाने और बीमारी से लड़ने के लिए वैक्सीन लगाई जाती है। खासतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को, जिनके ऊपर किसी बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा होता है। ऐसी ही एक बीमारी थी चेचक, जिसे पुराने समय में ज्वरासुर के नाम से भी जाना जाता था। इस बीमारी से लड़ने के लिए 1798 में वैक्सीन की खोज हुई। लेकिन इस वैक्सीन की खोज से सालों पहले इंडिया में चेचक से बचने के लिए टीकाकरण किया जाता था। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉरमेशन में जिक्र किया गया है कि एक हजार ईसापूर्व चीन और भारत में टीकाकरण किया जाता था। टीकाकरण जिसमे एक हेल्दी इंसान में एक इन्फेक्टिव एज...
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