उरई, मार्च 18 -- जालौन। सिक्योरिटी में दी गई चैक पर चैक बाउंस का परिवाद दायर किया गया था। लगभग सात साल चले मुकदमे के बाद आरोपी को न्यायालय ने बरी किया। परिवादी वंदना द्वारा वर्ष 2019 में चिमनदुबे निवासी अबूजर के विरूद्ध चेक बाउंस का परिवाद किया गया था। सात वर्ष तक चले मुकदमे में दोनों पक्षों ने अपने अपने बचाव में न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों एवं साक्ष्यों को दृष्टिगत रखने हुए न्यायालय ने माना कि परिवादिनी अपना परिवाद सिद्ध नहीं कर पाई।
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