बांका, जून 19 -- बांका, जीतेन्द्र कुमार झा। बांका प्रखंड की दुधारी पंचायत स्थित ठाड़ीहर्रा गांव के समीप मनोरम वन क्षेत्र के बीच बना त्रिवेणी घाट चेक डैम कभी क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान माना जाता था। सालों तक इस चेक डैम ने न केवल खेतों की प्यास बुझाई, बल्कि यहां जमा रहने वाले जल के कारण पशु-पक्षियों का भी यह प्रमुख आश्रय स्थल बना हुआ था। सुबह-शाम पक्षियों के कलरव और पशुओं की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला यह इलाका आज वीरान नजर आ रहा है। यह भी पढ़ें- हनुमाना डैम स्थित जर्जर आईबी भवन के जीर्णोद्धार की उठी मांगडैम की स्थिति वन विभाग द्वारा निर्मित यह चेक डैम कई वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ा है। इसके टूट जाने से जल संरक्षण की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले इस डैम में वर्षभर पानी जमा रहता था, जिससे आसपास के खेतो...