प्रयागराज, अप्रैल 2 -- प्रयागराज, ईश्वर शरण शुक्ल। बच्चों में होने वाली अनेक बीमारियों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज तो पूरी तरह संभव नहीं है लेकिन बेहतर थेरेपी और परिवार के सहयोग से बच्चे का जीवन बेहतर हो सकता है। इस दिशा में अल्लापुर की रहने वाली दिव्यांग पूनम सिंह ऑटिज्म पीड़ितों को कामयाब बनाने में जुटी हैं। पूनम स्नातक में थीं उसी समय पैरालिसिस के चलते चलने में असमर्थ हो गईं। लेकिन शारीरिक चुनौतियों को मात देते हुए ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के जीवन को संवारने में जुट गईं। भाविनी वेलफेयर सोसाइटी की सचिव पूनम ने बताया कि ऑटिज्म पीड़ितों की प्रारंभिक चिकित्सा, बिहेवियर थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान करती हूं। अनिरूद्ध श्रीवास्तव, सनाया...