नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- नरेंद्र तनेजा, पेट्रोलियम विशेषज्ञ सौ फीसदी एथेनॉल वाले ईंधन को मंजूरी देने का केंद्र सरकार का फैसला विवेचना की मांग करता है। इस ईंधन में पेट्रोल नहीं होता, जिसका मतलब है, गाड़ियां 'हाइड्रो-कार्बन' से नहीं, बल्कि 'बायो फ्यूल' से चलेंगी। निश्चय ही, ई-100 ईंधन वाली गाड़ियों को मंजूरी देने का रास्ता अब साफ हो गया है, मगर इस ईंधन की आर्थिक, पर्यावरणीय व कृषि संबंधी कीमत का विश्लेषण करने पर तस्वीर का दूसरा पक्ष नजर आता है, जो चुनौतीपूर्ण है। पहले इससे होने वाले फायदों की चर्चा। पहला लाभ, यह पेट्रोल या डीजल की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है, लगभग न के बराबर। नतीजतन, जो लोग आबोहवा की बेहतरी चाहते हैं, वे ई-100 गाड़ियां खरीदने को उत्सुक हो सकते हैं। दूसरा, चूंकि सरकार इसे प्रोत्साहित कर रही है, इसलिए मुमकिन है कि इसकी कीम...