भागलपुर, सितम्बर 25 -- भागलपुर। भारतीय चुनाव आयोग की कार्यशैली और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट ने भारतीय लोकतंत्र की दरकती जमीन को सामने लाकर यह साबित कर दिया है कि लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी का आरोप सिर्फ मिथ्या आरोप नहीं है। एक ऐसी हकीकत है जो सरकारी शह पर आयोग अबतक छुपाते आ रहा है। भागलपुर के पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य अजीत शर्मा ने कहा कि आयोग केंद्र सरकार की शह पर देश में लोकतंत्र की जगह तानाशाही व्यवस्था लादने में भाजपा की खुलेआम मदद कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय को स्वतः इस मामले में संज्ञान लेते हुए बिहार, बंगाल और असम के विगत विधानसभा चुनाव को तत्काल रद्द कर देना चाहिए। यह भी पढ़ें- घेरे में चुनाव आयोग मुख्य चुनाव आयुक्त को इनके इस आपराधिक कृत्य के लिए प...