चुनाव आयोग में पहले भी ठनी, जब भाजपा नेताओं को क्लीन चिट नहीं देना चाहते थे अशोक लवासा
नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देश के चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबर सामने आते ही हड़कंप मच गया है। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी तक शुरू कर दी है। चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबर सामने आने के बाद चुनाव आयोग के ऐसे ही कई पुराने मामले फिर चर्चा में आ गए हैं। उन मामलों में भी आयोग के सदस्यों की अलग-अलग राय सार्वजनिक हो गई थी। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही मामले-चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की सिफारिश 2009 में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एन गोपालस्वामी ने साथी निर्वाचन आयुक्त नवीन चावला को कथित पक्षपातपूर्ण आचरण के आरोप में पद से हटाने की सिफारिश की थी। हालांकि, सरकार ने सिफारिश स्वीकार नहीं की और बाद में चावला मुख्य निर्वाचन आयुक्...
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