वाराणसी, मार्च 14 -- वाराणसी। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि एसआईआर संवैधानिक रूप से तभी वैध हो सकता है, जब वह मौजूदा कानून का पूरक हो। चुनाव आयोग को वैधानिक ढांचे के भीतर कार्य करना चाहिए। वह शुक्रवार को सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान की ओर से 'एसआईआर की वैधानिक उपादेयता' पर आयोजित संगोष्ठी में विचार व्यक्त कर रहे थे। कैटोंमेंट स्थित होटल क्लार्क में आयोजित दो दिनी संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग नागरिकता विवादों का निर्णय या जांच नहीं कर सकता है, क्योंकि यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य डुप्लीकेट और अपात्र लोगों को हटाना है। कहा कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रणाली की वैधता, सुदृढ़ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो भारत के संवैधानिक लोकतंत्र का सार है...