तिरुवनंतपुरम, मार्च 24 -- केरल में सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब चुनाव आयोग का एक ऐसा पत्र सामने आया जिस पर भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई की मुहर लगी हुई थी। यह चिट्ठी सामने आते ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने सरकार को आयोग पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए। आयोग के इस पत्र को सबसे पहले माकपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स शेयर किया। पार्टी के मुताबिक 19 मार्च 2019 को देश की राजनीतिक पार्टियों को भेजे गए एक पत्र के साथ संलग्न शपथपत्र में आयोग की आधिकारिक मुहर की जगह प्रदेश भाजपा की मुहर लगी हुई थी। माकपा ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''क्या भाजपा ने अब सारे दिखावे छोड़ दिए हैं?'' पार्टी ने तंज कसते हुए कहा, ''यह कोई रहस्य नहीं है कि एक ही शक्ति केंद्र निर्वा...
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