अररिया, अप्रैल 16 -- रानीगंज। एक संवाददाता। इसी साल नवम्बर-दिसंबर में पंचायत चुनाव होने के आसार हैं। हालांकि चुनाव में अभी पांच छह महीने का समय है लेकिन अभी से ही पंचायतों में समाजसेवियों की तादाद बढ़ने लगी है। इससे गांव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी है। वैसे लोग जिन्हें कल तक लोगों के दु:ख दर्द से कोई सरोकार नहीं था अब अचानक से ऐसे कई लोग गांव के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की न सिर्फ सुधि लेने लगे है बल्कि रिश्ते भी जोड़ने लगे है। गांव के लोगों का आपस में प्रेम बढ़ने लगा है। इस चुनावी साल में पंचायतों में मखिया, सरपंच, पंचायत समिति, जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य, वार्ड पंच आदि पदों के स्वघोषित उम्मीवारों की संख्या बढ़ने लगी है। यह भी पढ़ें- नये आरक्षण रोस्टर से होगा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कई लोग सोशल साइट्स पर अपने आप को समाजसेवी का तगमा देने ...
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