देवघर, फरवरी 12 -- मधुपुर,प्रतिनिधि। मधुपुर शहरी जलापूर्ति योजना नगर निकाय चुनाव में चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया है। वर्षों बाद भी घर-घर पानी नहीं पहुंच पाया है। मतदाता भी इस मामले में उदासीन है। प्रत्याशी वोट मांग रहे हैं, लेकिन शुद्ध पेयजल मुहैया करने को लेकर उनके पास कोई ठोस योजना नहीं है। जलापूर्ति योजना की शुरुआत 2018 में लगभग 61 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति के साथ हुई थी। योजना की राशि पुनरक्षित कर 76 करोड़ से अधिक की हो चुकी है। इलाके में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का एक बड़ा वादा आज तक आश्वासन बनकर रह गया। तकनीकी बाधाओं, पुनरीक्षित लागत और कार्य की धीमी गति के कारण यह योजना अभी भी आधी हकीकत, आधा फसाना बनकर रह गया। मधुपुर शहरी जलापूर्ति योजना के प्रमुख बिंदु मूल योजना और स्वीकृति 19 जनवरी 2018 को मधुपुर नगर परिषद क्षेत्र मे...
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