फतेहपुर, मार्च 29 -- जाफरगंज। कौशांबी हादसा अब गांव की सियासत का कड़वा सच बनकर सामने आ रहा है। धौरहरा के मजरे कुरौली में चर्चा है कि पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही तीर्थ यात्रा पर ले जाने की राजनीति तेज हो गई थी। संभावित प्रधान पद के उम्मीदवार एक दूसरे की होड़ में ग्रामीणों को घुमाने ले जा रहे थे। चर्चा है कि चुनावी पकड़ के फेर में दस जिंदगियां टूट गईं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव के एक पूर्व प्रधान पहले कई बार ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप से लोगों को चित्रकूट और मैहर ले जाते रहे हैं। राजन का भाई पंकज जो वर्तमान में पंचायत सहायक है। इस बार प्रधान पद का संभावित दावेदार है। गांव में उसके पोस्टर लगे हुए हैं। प्रयागराज संगम में भतीजे के मुंडन संस्कार के बहाने बड़ी संख्या में लोगों को ले जाया गया था। ऐसे में इस यात्रा को 'अपनी पकड़ मजबूत करने' की कवा...
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