रांची, अप्रैल 12 -- रांची, वरीय संवाददाता। सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन न्यास मंडल के तत्वावधान में चुटिया स्थित पोद्दार धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रवचन करते हुए मां चैतन्य मीरा ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान कराया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। छठे दिन की कथा का मुख्य आकर्षण गोपी संवाद, महारास और रुक्मणी मंगल (विवाह उत्सव) रहा। मां मीरा ने गोपी संवाद और महारास के गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ को सरल एवं मार्मिक शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि गोपियों का प्रेम सांसारिक वासना से परे, पूर्ण समर्पण और निष्काम भक्ति का सर्वोच्च प्रतीक है। महारास वास्तव में जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का वह दिव्य रूप है, जो तब संभव होता है जब मनुष्य अपने अहंकार का त्याग कर ...