सराईकेला, मार्च 22 -- खरसावां। खरसावां के चांदनी चौक स्थित शहीद निर्मल महतो भवन में भारत के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी और चुआड़-विद्रोह के महानायक रघुनाथ महतो की 288वीं शहादत दिवस कुड़मी समाज की ओर से मनाया गया। मौके पर कमेटी के संयोजक पंकज कुमार महतो ने कहा कि देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी और चुआड़ विद्रोह के महानायक रघुनाथ महतो के आंदोलन के कारण परमानेंट सेटलमेंट-1793 से ही खुंटकट्टीदार कुड़मी रैयतों की जमीन को अहस्तांतरणीय बनायी गयी थी। उस समय एकमात्र कुड़मी को ही खुंटकट्टीदार कुड़मी रैयत कहा जाता था। बबलू महतो ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो विद्रोह के दौरान 5 अप्रैल, 1778 को सिल्ली के लोटा गांव के ''गढ़तैंतेइर'' में अंग्रेजों की गोली से वीरगति प्राप्त हुए थे। लोटा के गढ़तैंतेइर के आसपास छह और नाला के उस उस पार कीता गांव में सात ऐसे गड़े पत्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.