रांची, सितम्बर 8 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर के पद पर पदोन्नति के लिए 50 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का 12 मार्च 2024 का संकल्प संख्या 1977 सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण के सिद्धांतों के अनुरूप है। अदालत ने संकल्प में किसी तरह की अवैधता या मनमानी नहीं पाई। याचिकाकर्ता सुबोध पासवान वर्तमान में ग्रामीण कार्य विभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में सड़क निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर एससी श्रेणी में नियुक्ति पाई थी। करीब 27 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें वर्ष 2022 में कार्यपालक अभियंता और जनवरी 2024 में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर पद पर पदोन्नति मिली। उनका कहना था कि अब वह चीफ इंजीनियर पद पर पद...