नई दिल्ली, मार्च 1 -- ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई से उत्पन्न हालात के बाद मध्य-पूर्व देशों में युद्ध के हालात बन चुके हैं। हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार से ईरान ने अमेरिकी बेसों पर जवाबी हमले किए हैं, उसके चलते अमेरिका इस संघर्ष को बहुत लंबे समय तक जारी नहीं रखना चाहेगा।अमेरिका के हैं तीन लक्ष्य रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल राजेन्द्र सिंह (सेवानिवृत्त) बताते हैं कि ईरान पर हमले के पीछे अमेरिका के तीन लक्ष्य हैं। एक ईरान में सत्ता परिवर्तन, दूसरा उसके मिसाइल कार्यक्रम को ध्वस्त करना और तीसरा परमाणु कार्यक्रम पर आगे नहीं बढ़ने देना। अमेरिका चाहता है कि ईरान को इतना कमजोर कर दिया जाए कि भविष्य में उससे किसी प्रकार का खतरा नहीं हो। दूसरी तरफ ईरान के हमले जवाबी हैं। यदि अमेरिकी हमले बंद हो जा...