नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्ते का युद्धविराम लागू करवाने में चीन ने बेहद अहम भूमिका निभाई। चीन के विदेश मंत्रालय ने खुद इसका खुलासा किया है। चीनी विदेश मंत्री ने हाल ही में एक बयान में बताया कि किस तरह उन्होंने 26 फोन कॉल्स किए जिससे यह समझौता संभव हो पाया। इन खुलासों से इस बात पर मुहर लग गई है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करवाना पाकिस्तान के बस की बात नहीं थी और पाक सिर्फ एक पोस्टमैन की भूमिका निभा रहा है। एक तरफ पाकिस्तान जहां इस युद्धविराम का क्रेडिट लेने के लिए खुद के लिए नोबेल तक मांग रहा है, वहीं चीन ने पर्दे के पीछे रहकर सबकुछ समेटने में अहम भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने आखिरी समय में ईरान पर दबाव बनाया, जिसके बाद तेहरान बातचीत के लिए तैयार हुआ और तनाव कम करने का फैसला लिया। यह भी पढ़ें- शहबा...
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