नई दिल्ली, मई 15 -- चीन सीमा पर भारत के प्रथम गावों में बिछा 2500 किमी फीडर सड़कों का जाल-हिमालय के दुर्गम गांवों में फिर लौट रही रौनक, बदला सरहदों का भूगोल नई दिल्ली, अरविंद सिंह यह भी पढ़ें- गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में विकास और कनेक्टिविटी का नया अध्याय हिमालय की दुर्गम सरहदों पर बसे जिन गांवों को कभी देश का आखिरी गांव कहकर भुला दिया जाता था, आज वही गांव देश की सुरक्षा और पर्यटन के प्रवेश द्वार बन रहे हैं। केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) के तहत चीन सीमा से सटे इलाकों में फीडर सड़कों का जाल सिर्फ डामर की पट्टियां नहीं, बल्कि सामरिक अभेद्यता की गारंटी बन रहा है। ये सड़कें नागरिकों के लिए जीवनरेखा और आपातकाल में सेना के लिए रणपथ साबित हो रही हैं।योजना की शुरुआत सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी न...