नई दिल्ली, फरवरी 23 -- भारत की समुद्री परमाणु प्रतिरोधक क्षमता इस समय एक अहम मोड़ पर है। मई 2026 तक तीसरी अरिहंत-श्रेणी की परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी आईएनएस अरिधमन के शामिल होने के साथ भारत सामरिक बल कमान के तहत तीन स्वदेशी एसएसबीएन संचालित करने की स्थिति में होगा। यह सफलता ऐसे समय में मिल रही है जब चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी परमाणु और पारंपरिक पनडुब्बी ताकत तेजी से बढ़ा रहा है और पाकिस्तान चीन निर्मित वायु-स्वतंत्र प्रणोदन (एआईपी) युक्त आधुनिक पनडुब्बियां शामिल कर रहा है। ऐसे में भारत अपने न्यूक्लियर ट्रायड के सबसे सुरक्षित और गुप्त स्तंभ को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। आकार में बड़ी, कम शोर वाली और लंबी दूरी की K-4 मिसाइलों से लैस अरिधमन हिंद महासागर की गहराइयों से विश्वसनीय द्वितीय-प्रहार क्षमता सुनिश्चित करेगा।आईएनएस ...