नई दिल्ली, जनवरी 4 -- चीन ने एक बार फिर ताइवान को अपना अभिन्न अंग बताते हुए अपना दावा मजबूती से दोहराया है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ताइवान प्राचीन काल से चीन का हिस्सा रहा है और यह ऐतिहासिक तथा कानूनी रूप से पूरी तरह सिद्ध है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ताइवान जलडमरूमध्य में चीनी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, क्षेत्रीय तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है। राजदूत ने जोर देकर कहा कि ताइवान कभी स्वतंत्र देश नहीं रहा और न रहेगा, तथा चीन का पुनर्मिलन ऐतिहासिक रूप से अपरिहार्य है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी मातृभूमि के एकीकरण को अजेय बताया है। इसी बीच रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन 2027 तक ताइवान पर सैन्य कार्रवाई करने और जीत हासिल करने की क्...